शनिवार, 18 जुलाई 2015

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3RD EYE SPRITUAL
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➡ मंगल दाेष की भूमिका में
मंगल, मंगल भी व मंगल अमंगल भी  -शाेध राजा पंडित इलाहाबाद

मित्रों आज बात कर रहा हूं मांगलिक दाेष पर वास्तव में मंगल काे विवाह के लिए अशुभ क्याे माना जाता है जबकि विवाह में मांगलिक कार्यों में मंगल के रंग (लाल 🎨) का प्रयोग का प्रयोग हम बेहिचक करते हैं मंगल का महत्व विवाह में काफी ज्यादा है मेरा मानना है की सर्वप्रथम की मंगल के बारे में आप सभी नकारात्मक विचार धारा त्याग दें जन्म कुंडली में  स्वस्थ मंगल ही हमें भूमि, वाहन व सहोदर, नेता, साहस ये सब मंगल से ही हाेता है
लाख हम मजबूत हाे लेकिन हमारा साहस हमारे साथ नहीं है ताे हम कभी भी विपरीत परिस्थिति का सामना नहीं कर सकते मतलब साफ है मगंल का मजबूतपन हमारे कुंडली में हाेने चाहिए
आप सब जानते हैं कि हर व्यक्ति में गुण दाेष पाये जाते हैं ठीक उसी प्रकार से ग्रह 🌍 में भी गुण दाेष पाये जाते हैं
मंगल दछिण दिशा का स्वामी हाेता है व जाति का  छात्रिय हाेता मगंल कभी भी परास्त नहीं हाेता अंतिम छण तक हिम्मत 💪 प्रदान करता है मगंल मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा  का स्वामी है और मंगल के नायक देवता हमारे पूर्ण ब्रह्मचारी हनुमान जी है इसलिए दछिण मुखी हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए
विवाह में यह करन है की विलंब हाेता है क्योंकि हनुमानजी जी अविवाहित है
आप जानते हैं की लाेहा लाेहे काे कटता है यही करण है की मगंलिक का विवाह, मांगलिक से ही हाेता है ताकि काेइ समस्या न हो पर मेरा मानना है कि अगर मंगल की विधिवत शांति करवाने से भी मंगल शात हाेगा
क्यों कि हनुमानजी जी बहुत दयालु है
जन्म कुंडली में जब मगंल 1,4,7,8,12, हाे तो मंगल दाेष लगता है
मित्रों ये बात आप जान ले की विवाह में शानि +मंगल की भूमिका महत्वपूर्ण है अकेला मंगल विवाह के लिए दाेषी नहीं माना जा सकता है
मंगल के उच्च, स्वगृही, हाेकर मगंल दाेष बनने पर मंगल का सूर्य, राहु या शानि के साथ हाेने पर, चंद्र मंगल या गुरु मंगल याेग बनने पर मंगल दाेष में कमी हाेती है,
गुरु के साथ लग्न या केन्द्र में हाेने से मगंल दाेष नगण्य माना जाता है
मंगल पर शुभ ग्रह का प्रबल प्रभाव या दृष्टि या मगंल का अति निर्बल व अस्त हाेने पर मंगल का दाेष खत्म हो सकता है मेरा मानना है की मगंलिक की व्यवस्था विधिवत शांति से गैर मांगलिक से विवाह संभव है
मंगल शांति के अचूक उपाय
1-मंगलिक हाेने पर जातक कुल गुरु से हमेशा असिरवाद ले गुरु का चरणामृत नित्य सेवन करें मेरा तर्क है कि मंगल छत्रिय है और ब्रह्माण उसका गुरु है मतलब साफ है मंगल सबसे ज्यादा सम्मान गुरु काे देता है
2- नित्य 21मंगलवार बहते हुए पानी 💦 में रेवड़ी फेंके, खासकर जब चंद्रमा धनिष्ठा नछत्र का हाे और जब मंगलधनिष्ठा नछत्र का हाे ताे लगातार यह उपाय करें मेरा तर्क है की धनिष्ठा का देवता वरुण है अतः यह उपाय करगर है
3-  प्रत्येक माह के मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा नछत्र में मगंल का दान अवश्य करें दान में चावल, शास्त्र, गुड, मसूर लाल वस्त्र, केसर,108 लाल फूल की बनी माला हनुमान जी काे अर्पित करें
4-मंगल संक्राति काे शुभ कार्य  करे
5- उत्तम प्रकार का मुंगा धारण करें
6- मुगें की  सामग्री हनुमान जी काे, अर्पित करें 7 मंगल वार
6-जातक के जन्म कुंडली में मगंल जहां भी स्थित हाे वहा के नछत्र स्वामी व देवता का उपाय जरूर करें
7- मंगल चंडिका मंत्र का विधिवत अनुष्ठान करवे किसी देवी मंदिर में मंगल के नछत्र में
नाेट -मित्रों मैं इश्वर की कृपा से यह शाेध किया है परन्तु मैं संपूर्ण नहीं हूं अत आप आपना आलोचनात्मक कंमेट जरूर दे
में सुधारने का प्रयास करूंगा
आपका कृपा पात्र
राजा पंडित
इलाहाबाद 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏👏👏👏👏👏❤❤👏👏
🙏➡राजा पंडित
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